देश की राजधानी दिल्ली में लगातार 4 दिनों से गोल्ड और सिल्वर की कीमतों गिरावट देखने को मिल रही थी. लेकिन बुधवार को गोल्ड की कीमतों में इजाफा देखने को मिला है. जहां सोने की कीमत 200 रुपए से ज्यादा का इजाफा देखने को मिला है. वहीं गोल्ड की कीमतें 1,500 रुपए की बढ़ोतरी देखने को मिली है. जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में गोल्ड की कीमतों में उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है. विदेशी बाजारों की बात करें तो गोल्ड की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है. आइए आपको भी बताते हैं कि दिल्ली में सोने और चांदी की कीमतें कितनी हो सकती है?
सोने की कीमतों में तेजी
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, बुधवार को सोने की कीमत चार दिन की गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए 235 रुपए की तेजी के साथ 90,685 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई. मंगलवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाली पीली धातु 90,450 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी. 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 235 रुपए की तेजी के साथ 90,235 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया, जबकि पिछले दिन इसका भाव 90,000 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. व्यापारियों ने कहा कि हालिया नुकसान के बाद खुदरा विक्रेताओं की ताजा लिवाली से सोने की कीमतों में सुधार आया.
चांदी के दाम में बड़ा उछाल
उन्होंने कहा कि मजबूत वैश्विक रुझानों ने भी धारणा को प्रभावित किया. चांदी की कीमत भी 1,500 रुपए की तेजी के साथ 1,01,500 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई. मंगलवार को सफेद धातु 1,00,000 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी. इस बीच, वैश्विक बाजारों में हाजिर सोना 0.16 प्रतिशत बढ़कर 3,024.96 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. इसके अलावा, एशियाई बाजार में अप्रैल डिलीवरी के लिए कॉमेक्स सोना वायदा 3,059.10 डॉलर प्रति औंस पर बोला गया.
क्या कह रहे हैं जानकार
जानकारों की मानें तो बुधवार को सोने में थोड़ी तेजी आई, जो सुरक्षित निवेश की मांग और सोने पर आधारित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) से मजबूत प्रवाह के कारण हुआ. एचडीएफसी सिक्योरिटीज में कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि 2 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पारस्परिक टैरिफ फैसले के आसपास की अनिश्चितता सुरक्षित निवेश धातु सोने का सपोर्ट करने वाला एक महत्वपूर्ण फैक्टर प्रतीत होता है.
एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी के उपाध्यक्ष रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने कहा कि मार्केट पार्टिसिपेट अमेरिकी जीडीपी और कोर पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (पीसीई) प्राइस इंडेक्स सहित प्रमुख मैक्रोइकॉनोमिक डेटा का इंतजार कर रहे हैं, जो इस सप्ताह के अंत में जारी होने वाला है. त्रिवेदी ने कहा कि व्यापक रुझान रूस-यूक्रेन स्थिति में विकास से भी प्रभावित होगा, जिसकी वजह से सेफ हैवन इंवेस्टमेंट डिमांड को बढ़ा सकता है.