Mukesh ambani Reliance pauses buying of Venezuelan oil amid Trump 25% tariff war.

एशिया के दिग्गज कारोबारी मुकेश अंबानी का कारोबार तेल से खेल तक दुनियाभर में फैला हुआ है. लेकिन अब वो तेल में बड़ा खेल करने की तैयारी में है. दुनियाभर में डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर का कहर है, ट्रंप ने साफ़ कर दिया है कि अगर व्यापार करना है तो टैरिफ देना होगा. ट्रंप के इस फैसले पर मुकेश अंबानी ने भी उन्हें तगड़ा जवाब दिया है. मुकेश अंबानी के रवैए से लग रहा है कि वो ट्रंप को टैरिफ नहीं देना चाहते हैं. दरअसल, दुनियाभर में टैरिफ वॉर के चलते मुकेश अंबानी ने बड़ा फैसला लिया है उन्होंने साउथ अमेरिका के देश से तेल खरीद न करने का फैसला लिया है.

​रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) जो देश की सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरी है उसने वेनेज़ुएला से कच्चे तेल की खरीद पर अस्थायी रोक लगा दी है. यह निर्णय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वेनेज़ुएला से तेल खरीदने वाले देशों पर 25% शुल्क लगाने की घोषणा के बाद लिया गया है.

अमेरिका को होगा कितना नुकसान

रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारत की सबसे बड़ी निजी रिफाइनरी, वेनेज़ुएला से कच्चे तेल का आयात करती रही है. कंपनी को पिछले वर्ष अमेरिकी अधिकारियों से इस आयात के लिए विशेष अनुमति मिली थी. हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप के नए आदेश के अनुसार, वेनेज़ुएला से तेल खरीदने वाले किसी भी देश पर 2 अप्रैल से 25% का शुल्क लगाया जाएगा. भारत, वेनेजुएला से जितना तेल आयात करती है, उसका लगभग 90% तेल रिलायंस खरीदती है. फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर 2023 में भारत ने वेनेजुएला से हर रोज लगभग 1,91,600 बैरल कच्चा तेल आयात किया था. जनवरी 2024 में यह बढ़कर 2,54,000 बैरल प्रतिदिन हो गया था

कहां से होगी तेल की आपूर्ति पूरी

रिलायंस इंडस्ट्रीज वर्तमान में वेनेज़ुएला से मेरय ग्रेड के कच्चे तेल की एक अंतिम खेप की प्रतीक्षा कर रही है, जो पहले ही भेजी जा चुकी है. इस खेप के बाद, कंपनी ने अतिरिक्त खरीदारी पर रोक लगाने का निर्णय लिया है.

अन्य भारतीय रिफाइनरियां भी वेनेज़ुएला से तेल खरीदती रही हैं. अब वे अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए रूस से तेल आयात की ओर रुख कर सकती हैं, क्योंकि वहां से तेल की उपलब्धता और पहुंच अधिक सुगम है.

वेनेजुएला के तेल का बड़ा खरीदार है भारत

भारत वेनेजुएला के तेल का एक बड़ा खरीदार है. उसने 2024 में 2.2 करोड़ बैरल तेल का आयात किया. जनवरी में यह खरीद 254,000 बैरल प्रति दिन (bpd) से ज्यादा हो गई, जो वेनेजुएला के कुल निर्यात 5,57,000 bpd का लगभग आधा है. दिसंबर 2023 में आयात लगभग 1,91,600 bpd था. इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) ने 1,27,000 bpd हासिल किया था. नए टैरिफ से भारतीय रिफाइनर के लिए खरीद की लागत बढ़ सकती है. साथ ही सप्लाई चेन बाधित होने की आशंका है. आदेश में कहा गया है कि टैरिफ तब तक लागू रहेगा जब तक कोई देश कम से कम एक साल तक वेनेजुएला से तेल का आयात बंद नहीं कर देता. हालांकि, अमेरिका के पास इसे पहले रद्द करने का अधिकार है.

चीन ने भी लगाई रोक

चीन, जो वेनेज़ुएला के तेल का सबसे बड़ा खरीदार है, ने भी इस नए शुल्क के कारण अपनी खरीदारी पर अस्थायी रोक लगा दी है. यह कदम वैश्विक तेल बाजार में महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है. फरवरी में चीन ने लगभग 5,03,000 bpd तेल खरीदा, जो वेनेजुएला के कुल निर्यात का 55% है.

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